चम्पावत >> पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी।

NEWS 13 प्रतिनिधि राहुल सिंह अधिकारी, चम्पावत:-

चम्पावत/ जिले में पिछले माह अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हुई मौराड़ी गांव को जोडऩे वाली पेयजल योजना सहित जिले की 10 पेयजल योजनाएं अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। मौराड़ी योजना ध्वस्त होने से चंतोला, कसान, चौडा व बनलेख आदि तोकों में पानी आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर गधेरे से पानी ढ़ोना पड़ रहा है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने शीघ्र पानी की आपूर्ति सुचारू न होने पर जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। मौराड़ी में दीपावली पर्व के दौरान लोगों ने श्रमदान करपानी की पाइप लाइन का अस्थाई रूप से जोडऩे का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने जल संस्थान पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए शीघ्र आपूर्ति बहाल न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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जीतराम, चूड़ामणी, गोपाल दत्त, दुर्गा दत्त, प्रकाश चन्द्र, मनोज भट्ट, भुवन चन्द्र, राम दत्त भट्ट, दयाकिशन भट्ट, महेश चन्द्र, दिलवर आदि ने बताया कि उन्होंने क्षतिग्रस्त लाइन को जोडऩे का प्रयास किया लेकिन कई जगह पाइप टूटने से सफलता नहीं मिली। इधर जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता परमानंद पुनेठा ने बताया कि लाइन की मरम्मत का काम कर शीघ्र पेयजल की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इधर चम्पावत ग्रामीण क्षेत्र की कई अन्य पेयजल लाइनें अभी भी क्षतिग्रस्त चल रही हैं। इनमें जल संस्थान की 4 और जल निगम की 6 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। ये सभी लाइनें 18 और 19 अक्टूबर को आई आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण एक पखवाड़े से अधिक समय से संबंधित गांवों में पेयजल के लाले पड़ गए हैं। जल संस्थान की पाटी पंपिंग पयेजल योजना, क्वैराला पंपिंग योजना, सलना-पम्दा पेयजल योजना, टुनकांडे-मनटांडे पेयजल योजना की मरम्मत का काम अभी भी जारी है। जल संस्थान लोहाघाट के अपर सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि पम्दा में में टैंकर के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है।

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