हरिद्वार की भगवानपुर सीट पर भाजपा को लगा झटका, भाजपा नेता सुबोध राकेश हुए हाथी पर सवार, 2022 के विधानसभा चुनाव में अब देवर-भाभी होंगे आमने-सामने।

NEWS 13 प्रतिनिधि हरिद्वार:-

भगवानपुर/ विधानसभा चुनाव 2022 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा हैं वैसे-वैसे सियासी गलियारों में भी हलचल तेज़ी से बढ़ रही है। अपनी जीत पक्की करने के लिए नेता भी एक पार्टी छोड़कर दुसरी पार्टी में जा रहे हैं। उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी जिसके चलते बड़ी समस्या में दिखाई दे रही है। हरिद्वार के भगवानपुर सीट पर भाजपा के बड़े नेता को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा कुछ समय से तेज थी। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले कुछ नेताओं ने भाजपा का दामन थामा तो कुछ भाजपा के नेता कांग्रेस में जा बसे। अब इस दलबदल वाली राजनीति में बहुजन समाज पार्टी का नाम भी शामिल हो गया है। हरिद्वार जिले की नपुर विधानसभा में भाजपा को बड़ा झटका हरिद्वार जिले से लग गया है। भगवानपुर विधानसभा की बात करें तो पूर्व बीजेपी नेता सुबोध राकेश को लेकर सियासी हलकों में खबरें गर्म थीं कि वे बसपा में जा सकते हैं।

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सुबोध राकेश बीजेपी को छोड़कर बहुजन समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। बीजेपी के लिए यह भगवानपुर सीट पर बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुबोध राकेश भाजपा से नाराज चल रहे थे। भगवानपुर सीट पर कांग्रेस बनाम भाजपा की लड़ाई एक ही परिवार के नेताओं के बीच लड़ी जा रही है। साल 2015 में भगवानपुर विधानसभा के उपचुनाव के समय सुबोध राकेश कांग्रेस पार्टी में थे। कांग्रेस से टिकट न मिलने पर 2017 विधानसभा चुनाव से कुछ ही पहले सुबोध ने बीजेपी का दामन थाम लिया था और चुनाव लड़े थे। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी व सुबोध की भाभी ममता राकेश ने वह चुनाव जीत लिया था। उनके भाई स्वर्गीय सुरेंद्र राकेश भगवानपुर के नेता रहे और 2015 में उनके निधन के बाद परिवार के भीतर उनकी विरासत को लेकर एक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई। एक तरफ उनकी पत्नी सियासत के मैदान में कूद गयी तो दूसरी तरफ उनके भाई सुबोध भी। पिछला चुनाव हार जाने के बाद से ही भाजपा में सुबोध की स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। इस बार भी विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। और अब सुबोध राकेश ने भगवानपुर सीट पर हाथी की सवारी करने का फैसला ले लिया। मतलब यही है कि देवर-भाभी एक बार फिर से विधानसभा चुनाव 2022 में आमने सामने होंगे। देखना ये है कि इस बार ताज किसके सर सजता है।

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