देहरादून/ उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों में खराब मौसम की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जारी पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर के साथ ही पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च को इन जिलों में अनेक जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है।
खराब मौसम के चलते जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। 31 मार्च के लिए भी इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है जहां तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद 1 और 2 अप्रैल को मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है परन्तु 3 अप्रैल को एक बार फिर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। जिला अधिकारियों को सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने और आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यालय पर तैनात रहने और मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और सूचना का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित करने को कहा गया है। सीमा सड़क संगठन, राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि भूस्खलन या बर्फबारी से बाधित सड़कों को तुरंत खोलने की व्यवस्था रखें और संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी व मजदूरों की तैनाती करें।आम लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के बीच अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषकर बर्फबारी वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहें और जोखिम वाले स्थानों पर न जाएं। मार्ग बाधित होने की स्थिति में पुलिस यातायात नियंत्रित करेगी।
एसडीआरएफ, अग्निशमन और पुलिस विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी आपदा प्रबंधन उपकरणों और संचार माध्यमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व और ग्राम विकास से जुड़े अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्रशासन ने पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है और खराब मौसम के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं। विद्युत और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी बाधा की स्थिति में तुरंत सेवाएं बहाल की जा सकें। वहीं विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।