एजुकेशनल मिनिस्टर ऑफिसर एजुकेशन कुमाऊं मंडल नैनीताल द्वारा निदेशालय स्तर से मुख्य प्रसाशनिक अधिकारी व वरिष्ठ प्रसाशनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति हेतु डीपीसी करने व प्रधान सहायक के पद पर भी इसी वर्ष भर्ती करने हेतु निदेशालय को भेजा पत्र।

NEWS 13 प्रतिनिधि अल्मोड़ा:-

अल्मोड़ एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल द्वारा निदेशालय स्तर से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति हेतु डी पी सी करने व प्रधान सहायक के पद पर भी इसी भर्ती वर्ष के भीतर पदोन्नति करने की मांग की गई है इस हेतु निदेशालय को भी पत्र भेजा गया है पदोन्नति संशोधन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रशासनिक अधिकारी व प्रधान सहायक के सभी अवशेष मामलों को भी निस्तारित करने की मांग की गई है।

संगठन के मंडल सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा अवगत कराया गया है संगठन द्वारा माह फरवरी में सात दिन का आमरण अनशन किया गया था लेकिन दो दौर की वार्ता के बाद कोरोनाकाल के कारण विभाग की कार्यवाही ठंडे बस्ते में चली गई और पदोन्नति की कार्यवाही समय से नहीं की जा रही है जबकि पदोन्नति हेतु इस भर्ती वर्ष का एक माह शेष रह गया है। अपर शिक्षा निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा कुमाऊं मंडल नैनीताल से भी कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति हेतु पूर्व निर्गत पत्र के क्रम में गोपनीय आख्या नैनीताल कार्यालय भेजने के लिए पत्र निर्गत करने की मांग की गई है।

मंडलीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती, जिला अध्यक्ष अल्मोड़ा पुष्कर सिंह भैसोड़ा, जिला मंत्री पंकज जोशी, जिला ऊधमसिंह नगर के अध्यक्ष वीरेन्द्र पांडेय, सचिव हरजीत सिंह जिला बागेश्वर के अध्यक्ष विजय रावत, सचिव इंद्रेश कुमार संरक्षक, भुवन जोशी जिला चंपावत के अध्यक्ष नगेन्द्र जोशी सचिव रविन्द्र पांडेय व नैनीताल के जिलाध्यक्ष हरिशंकर नेगी सचिव तरुण तिवारी जिला पिथौरागढ़ के अध्यक्ष सौरभ चंद सचिव कैलाश बिष्ट द्वारा भी भर्ती वर्ष के भीतर सभी पदोन्नति व पदोन्नति संशोधन निर्गत करने की मांग की गई है।

वर्तमान में निदेशालय की लचर कार्यप्रणाली के कारण सदस्यों व पदाधिकारियों में रोष व्याप्त है। मंडलीय सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा कहा गया है कुमाऊं मंडल द्वारा लगातार निदेशालय को अवगत कराया जा रहा है कोरोना काल में विभाग द्वारा प्रकरणों को लंबित रखा जाना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है पदोन्नति सेवा का प्रतिफल है उसे समय पर प्रदान किया जाना चाहिए।

पदोन्नति संशोधनों को भी साल भर से लटका दिया गया है कुछ संशोधन 15-16 किये गये और बाकी छोड़ दिये गये ऐसा उचित नहीं है सभी संशोधन के प्रकरणों को भी गंभीरता से निस्तारित किया जाना चाहिए। भर्ती वर्ष के अंत तक पदोन्नति को लंबित रखा जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है निदेशालय को कार्यशैली में परिवर्तन करना चाहिए।

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