देश को खुले में शौच मुफ्त करने का दावा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी की उत्तराखंड की डबल इंजन वाली सरकार के राज्य में 2617 स्कूलों में शौचालय ही नहीं है, बरसात के मौसम में परेशान हैं छात्र छात्राएं।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि देहरादून

देहरादून/ राज्य के 2617 स्कूलों में नहीं शौचालय हजारों छात्र परेशान जानें क्या बोले शिक्षा महानिदेशक तमाम सरकारी प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। जिससे बरसात के इस मौसम में छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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राज्य के 2617 विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग- अलग शौचालय नहीं हैं। जिससे बरसात में हजारों छात्र- छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार कई विद्यालयों में सफाई न होने की वजह से शौचालय बंद हैं। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के अनुसार बंद शौचालयों को खोले जाने के साथ ही सभी विद्यालयों में शौचालय की व्यवस्था की जाएगी शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों को हाईटेक बनाए जाने के दावे किए जाते रहे हैं परन्तु तमाम सरकारी प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।

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जिससे बरसात के इस मौसम में छात्र- छात्राओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तरकाशी में 124 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए नहीं शौचालय

शिक्षा विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार 11226 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में से 841 में बालकों एवं 1011 में बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं है। इसमें अल्मोड़ा जिले में 141 बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं है। जबकि बागेश्वर जिले में 44 चमोली में 75 चंपावत में 35 देहरादून में 43 हरिद्वार में 12 नैनीताल में 66 पौड़ी में 135 पिथौरागढ़ में 72 रुद्रप्रयाग में 71 टिहरी में 142 ऊधमसिंह नगर में 51 और उत्तरकाशी जिले में 124 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं है।

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उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 213 बालकों और 173 बालिकाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। वहीं माध्यमिक विद्यालयों में 274 विद्यालयों में बालकों और 105 में बालिकाओं के लिए शौचालय न होने से उन्हें बरसात में खासी परेशानियां उठानी पड़ रही है। यह हाल तब है जबकि विभाग की ओर से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार और बुनियादी सुविधाओं के नाम पर प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

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शिक्षा विभाग का कहना है कि बंद शौचालय जल्द खुलवाए जाएंगे। वहीं जिन विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय नहीं हैं। उनमें इसका निर्माण किया जाएगा।राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। विभाग की ओर से इस दिशा में काम किया जा रहा है। बंशीधर तिवारी शिक्षा महानिदेशक।

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